IQ कैसे बढ़ाएं: 8 वैज्ञानिक तरीके
आपकी बुनियादी तर्क क्षमता काफी हद तक स्थिर रहती है — लेकिन टेस्ट वाले दिन जो मापा जाता है, उसका बड़ा हिस्सा ट्रेन किया जा सकता है। यहां बताया गया है कि मेहनत असल में कहां रंग लाती है।
पहले कड़वी बात: कोई भी आदत औसत स्कोर को टॉप 2% वाले स्कोर में नहीं बदल सकती। नीचे दी गई लिस्ट वो पॉइंट वापस दिलाती है जो आप अभी थकान, अनजान फॉर्मेट और गलत रफ्तार की वजह से गंवा रहे हैं, और टेस्ट जिन क्षमताओं को परखता है उन्हें धीरे-धीरे बढ़ाती है।
1. अच्छी और नियमित नींद
यह सबसे बड़ा फैक्टर है, और वही जिसे ज़्यादातर लोग नज़रअंदाज़ करते हैं। वर्किंग मेमोरी और प्रोसेसिंग स्पीड — टेस्ट में परखी जाने वाली छह क्षमताओं में से दो — कम नींद वाली रात के बाद साफ तौर पर गिर जाती हैं। कितनी भी प्रैक्टिस इसकी भरपाई नहीं कर सकती।
2. एरोबिक एक्सरसाइज़
नियमित कार्डियो एक्सरसाइज़ के दिमागी फायदों के पीछे किसी भी कमर्शियल ब्रेन-ट्रेनिंग प्रोडक्ट से बेहतर सबूत हैं। असर मामूली है और धीरे-धीरे जुड़ता है, और सबसे साफ ध्यान (अटेंशन) और एग्ज़ीक्यूटिव फंक्शन में दिखता है।
3. मुश्किल चीज़ें पढ़ें
शब्दों की समझ (वर्बल कॉम्प्रिहेंशन) इस बात पर निर्भर करती है कि आप क्या पढ़ते-सुनते हैं। अनजान विषयों पर पढ़ना — सिर्फ वही नहीं जो आपको पहले से पसंद है — वो शब्दावली और निष्कर्ष निकालने की आदत बनाता है जिसे वर्बल सेक्शन परखते हैं।
4. कुछ व्यवस्थित तरीके से सीखें
कोई भाषा, कोई वाद्य यंत्र, गणित की कोई शाखा। लंबे समय तक व्यवस्थित तरीके से सीखना वर्किंग मेमोरी और पैटर्न पहचानने की क्षमता पर उस तरह ज़ोर डालता है जैसा पहेलियों के छोटे-छोटे सेशन नहीं डाल पाते।
5. फॉर्मेट की प्रैक्टिस करें, फिर रुक जाएं
शुरुआती कुछ टेस्ट में मैट्रिक्स, सीक्वेंस और एनालॉजी से परिचय होने का अच्छा-खासा फायदा मिलता है, फिर सुधार रुक जाता है। इतना कर लें कि कोई फॉर्मेट आपको चौंकाए नहीं, और इस ठहराव को अपनी क्षमता की ऊपरी सीमा न समझें।
6. रफ्तार संभालने की सोची-समझी प्रैक्टिस
समयबद्ध प्रैक्टिस टेस्ट दें, बिना टाइमर वाले नहीं। स्कोरिंग की सबसे आम गलती है किसी मुश्किल सवाल पर तीन मिनट लगाना और फिर चार आसान सवाल जल्दबाज़ी में करना — इसमें हर बार नुकसान ही होता है।
7. टेस्ट वाले दिन दिमाग पर बोझ कम रखें
- टेस्ट तब दें जब आप आमतौर पर चुस्त रहते हैं, देर रात नहीं।
- नोटिफिकेशन पूरी तरह बंद कर दें — एक काम से दूसरे पर जाना महंगा पड़ता है, और यह नुकसान आपको दिखता भी नहीं।
- कुछ खा लें, लेकिन भारी नहीं।
- अगर आप बीमार हैं या बहुत तनाव में हैं, तो टेस्ट टाल दें। स्कोर आपकी असली क्षमता नहीं दिखाएगा।
8. एक नंबर के पीछे भागने की बजाय कोशिशें ट्रैक करें
एक अकेले स्कोर में काफी उतार-चढ़ाव (नॉइज़) होता है। कुछ हफ्तों में की गई कई कोशिशें आपको एक ट्रेंड दिखाती हैं, और ट्रेंड ही वो चीज़ है जिस पर आप असल में काम कर सकते हैं। इसीलिए ऐप आपके बेस्ट स्कोर को ओवरराइट करने की बजाय हर कोशिश सेव रखता है।
क्या काम नहीं करता
एक ही गेम वाले ब्रेन ट्रेनर ज़्यादातर आपको बस उसी गेम में बेहतर बनाते हैं। स्वस्थ वयस्कों के लिए नूट्रोपिक सप्लीमेंट्स के पीछे सबूत बहुत कमज़ोर हैं। संगीत सुनने से तर्क क्षमता नहीं बढ़ती — जिस 'मोज़ार्ट इफेक्ट' की इतनी चर्चा होती है, वह बस थोड़ी देर की उत्तेजना का असर था, जो दोबारा किए गए रिसर्च में साबित नहीं हुआ।