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गाइड

बच्चों का IQ टेस्ट: माता-पिता के लिए गाइड

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बच्चे की तर्क क्षमता की जांच सच में काम की हो सकती है — सीखने में किसी दिक्कत को पहचानने के लिए, या अतिरिक्त मदद की ज़रूरत साबित करने के लिए। लेकिन अगर नंबर ही बच्चे की पहचान बन जाए, तो इससे असली नुकसान भी हो सकता है।

टेस्ट कब करवाना चाहिए

  • बच्चा जिस तरह बात करता है और जिस तरह लिखकर प्रदर्शन करता है, उनमें साफ अंतर दिखे।
  • स्कूल सीखने में किसी संभावित दिक्कत (लर्निंग डिफिकल्टी) के लिए जांच की सलाह दे।
  • किसी ऐसे प्रोग्राम में अप्लाई करना हो जिसके लिए मानसिक क्षमता की लिखित जांच ज़रूरी है।
  • पहले जिज्ञासु रहा बच्चा लगातार ऊबा हुआ और पढ़ाई से कटा-कटा रहने लगे।

कब ज़रूरी नहीं है

सिर्फ यह जानने की उत्सुकता कि आपका बच्चा 'गिफ्टेड' है या नहीं, अपने आप में अच्छी वजह नहीं है। छोटी उम्र के स्कोर स्थिर नहीं होते — पांच साल की उम्र का नतीजा बड़े होने पर क्षमता का उतना अंदाज़ा नहीं देता जितना ज़्यादातर माता-पिता सोचते हैं — और बच्चे उस लेबल को समझने से बहुत पहले ही उसे अपना लेते हैं।

उम्र मायने रखती है

लगभग छह साल से कम उम्र में नतीजे एक बार से दूसरी बार इतने बदलते हैं कि वे ज़्यादातर किसी बड़े विकासात्मक अंतर को पहचानने के काम आते हैं, रैंकिंग के लिए नहीं। छह से बारह साल के बीच भरोसेमंदी काफी बढ़ जाती है। किशोरावस्था से आगे, सही तरीके से लिया गया टेस्ट काफी हद तक स्थिर रहता है।

ऑनलाइन नहीं, सुपरवाइज़्ड टेस्ट चुनें

किसी भी अहम फैसले के लिए — स्कूल में दाखिला या क्लास तय करना, डायग्नोसिस, कोई एप्लीकेशन — टेस्ट किसी योग्य मनोवैज्ञानिक को आमने-सामने WISC जैसे टूल से लेना चाहिए। ऑनलाइन टेस्ट, जिनमें हमारा भी शामिल है, इस काम के लिए नहीं बने हैं और इसके लिए इस्तेमाल नहीं होने चाहिए।

नतीजे के बारे में बात कैसे करें

  • इसे आज की एक झलक बताएं, बच्चे की हमेशा रहने वाली खूबी नहीं।
  • मुख्य नंबर की बजाय ब्योरे की ओर इशारा करें — 'तुम पैटर्न में तेज़ हो, शब्दों वाले सवालों में थोड़े धीमे' जैसी बात पर काम किया जा सकता है।
  • स्कोर को कभी उम्मीदें घटाने की वजह न बनाएं, और न ही दबाव बढ़ाने की।
  • मेहनत और तरीके की तारीफ करें। जिस बच्चे की 'होशियार' होने के लिए तारीफ होती है, वह मुश्किल सवालों से बचता है; जिसकी लगन की तारीफ होती है, वह उन्हें ढूंढता है।

अंदाज़ा लगाने की बजाय मापकर देखें

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